सनातन धर्म
सनातन धर्म से सम्बंधित कथानक, ज्योतिष, हिंदी साहित्य, भजन-संगीत के विडियो.
लेबल
धार्मिक कथाये.
(1090)
श्रीमद्भागवत महापुराण:
(510)
कहानी
(202)
मुंशी प्रेमचंद
(200)
विविध
(147)
महाभारत की कथाये.
(96)
मुहूर्त / ज्योतिष.
(91)
विडियो
(75)
अलिफ़ लैला.
(63)
कविता
(40)
सिंहासन बत्तीसी.
(33)
भगवत गीता
(32)
बैताल पच्चीसी.
(25)
शुभासित
(23)
स्त्रोत्र / श्लोक
(22)
देवी
(18)
मीमांसा
(17)
मनोविज्ञान
(14)
लियो टोल्स्टोय)
(13)
शुभकामना.
(12)
पंचकन्या
(11)
बाल्मीकि रामायण.
(5)
रामसलाका प्रश्नावली.
रामसलाका प्रश्नावली
.
रामायण में दी गई बहु प्रसिध्द प्रश्नावली जिसके माध्यम से अपने प्रश्न का उत्तर प्राप्त करना आसन हैं|
मनोरंजन के लिए, एक ही प्रश्न का बार-बार उत्तर लेना और दिन में एक से अधिक प्रश्न का उत्तर निकालना, दोष माना जाता हैं| इससे विद्या के दुरूपयोग का दोष लगता हैं | ऐसा कदापि न करें|
i`PNd }kjk iz’u fd;s tkusij] mls Hkxoku dk Lej.k djrs gq;s ,dkxz eu ls mij nh xbZ lkj.kh ds fdlh Hkh[kkus esa maxyh j[kus dks dgsaA og ftl [kkus esa maxyh j[ksa] mlesa vsfdr v{kjdks i`Fkd dkxt esa fy[k ysosaA ml v{kj ds Ik’pkr fxudj ukSok v{kj tks Hkh vkos]fy[krs tkosaA bl dze ds iw.kZ gksrs gh fuEu fyf[kr esa ls dksbZ ,d pkSikbZ cutk;sxh vkSj ml pkSikbZ ds lkFk fn;k x;k vFkZ gh mlds iz’u dk Qykns’k gksxkA
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
“क्षणभंगुर - जीवन की कलिका”
“ क्षणभंगुर - जीवन की कलिका ” (कविता) यह रचना सन १९६० के आसपास की है| इसके लेखक हैं, श्री नाथूराम शास्त्री ‘नम्र’. बरेली। उन्होन...
अंग फड़कना.
अंग फड़कना . शकुन शास्ञों मे अगों के फङकने का महत्व बताया गया है और उनको शुभाशुभ घटनाओं का संकेत माना गया है। ऐ...
स्वस्तिवाचन मन्त्र. अर्थ सहित.
स्वस्ति वा चन मन्त्र. अर्थ सहित . हमारे देश की यह प्राचीन परंपरा रही है कि जब कभी भी हम कोई कार्य प्रारंभ करते है, तो उस समय मंगल की...
सुभाषित संस्कृत श्लोक-अर्थ सहित.
सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात ब्रूयान्नब्रूयात् सत्यंप्रियम्। प्रियं च नानृतम् ब्रुयादेषः धर्मः सनातनः॥ आशय ...सत्य कहो किन्त...
राहुकाल/ यमगण्ड काल.
वैदिक ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक दिन का एक भाग राहु काल होता है। सूर्योंदय और सूर्यास्त के आधार पर अलग अलग स्थानों पर राहुकाल की अवधि में ...
विष्णु सहस्त्रनाम -स्त्रोत्रम..पाठ विधि सहित.
विष्णु सहस्त्रनाम - स्त्रोत्रम .. पाठ विधि सहित . श्री कपिल द्वारिका जी.. (इसके लेखक परम आदरणीय श्री कपिलजी महाराज , द्वारि...
राक्षस लवणासुर का वध.
एक दिन जब श्रीराम अपने दरबार में बैठे थे, उसी समय यमुना तट निवासी कुछ ऋषि-महर्षि च्यवन ऋषि के साथ दरबार में पधारे। कुशल क्षेम के पश्च...
साकेत ...मैथिलीशरण गुप्त.
(साकेत ...मैथिलीशरण गुप्त ) श्रीगणेशायनमः साकेत प्रथम सर्ग अयि दयामयि देवि, सुखदे, सारदे, इधर भी निज वरद-पाणि पसारदे। दास की यह देह...
विवाह का मुहूर्त निर्धारण.(ज्योतिष)
विवाह का मुहूर्त निर्धारण . (ज्योतिष) हिंदुओं में विवाह की तिथि वर-वधू की जन्म राशि के आधार पर निकाली जाती है। वर या वधू का जन्म,...
भगवत गीता –पंचम अध्याय
भगवत गीता – पंचम अध्याय अथ पंचमोऽध्यायः - कर्मसंन्यासयोग ज्ञानयोग एवं कर्मयोग की एकता , सांख्य पर का विवरण और कर्म...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें