फ़िल्मी धुन पर आधारित यह भजन आदरणीय जया किशोरीजी ने बड़े ही समधुर वाणी के साथ बाबा के दरबार में उत्साह पूर्वक गाया हैं| अवश्य सुनिए|
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- महाभारत की कथाये. (96)
- मुहूर्त / ज्योतिष. (91)
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